05 जुलाई से हाजीपुर लोकसभा से आशीर्वाद यात्रा पर निकलेंगे चिराग ..

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नई दिल्ली। लोक जनशक्ति पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक आज दिनांक 20 जून 2021 को 12 जनपथ, नई दिल्ली पर बुलाई गई थी। बैठक की अध्यक्षता पार्टी के अध्यक्ष श्री चिराग पासवान ने की। बैठक में कार्यकारिणी की कुल 66 सदस्य शामिल हुए। इसमें 43 सदस्य बैठक में मौजूद रहे, जबकि 23 सदस्यों ने वर्चुअल बैठक में हिस्सा लिया।
बैठक में हिस्सा लेने वाले माननीय सदस्यों में पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव के अलावा, एक राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, चार राष्ट्रीय महासचिव, 9 राष्ट्रीय सचिव, 20 प्रदेश पार्टी अध्यक्ष, 10 विभिन्न प्रकोष्ठों के अध्यक्ष थे। इनके अलावा जो लोग कोरोना की दिक्कतों के वजह से दूर दराज स्थानों से यहां नहीं पहुंच पाए, बैठक में वर्चुअल हिस्सा लिया उनमें दो राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, एक राष्ट्रीय महासचिव, दो राष्ट्रीय सचिव, दो प्रकोष्ठ अध्यक्ष और 13 प्रदेश पार्टी अध्यक्ष थे। इस तरह कार्यकारिणी में कुल 66 लोगों ने हिस्सा लिया।


बैठक की शुरूआत करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री चिराग पासवान ने देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बैठक में यह बताया कि कुछ लोगों पार्टी को तोड़ने की लंबे समय से साजिश कर रहे थे और किस तरह बिहार के पिछली विधान सभा चुनाव से ही यह कोशिश शुरू हो गई थी। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि दलित मतदाताओं की एकजुटता को तोड़ने का प्रयास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लंबे समय से कर रहे हैं। इस सिलसिले में उन्होंने पहले दलितों का दलित और महादलित में विभाजन किया। श्री चिराग पासवान ने कहा कि लोजपा ने नीतीश कुमार की इन नीतियों के खिलाफ बिगुल बजाया था और विधान सभा चुनाव में उनकी मुखालफत की थी। लोजपा के विरोध की वजह से इस चुनाव में जद—यू की सीटों की संख्या आधी हो गई थी। इस पराजय के बाद से ही नीतीश कुमार ने उस समय से लोजपा को तोड़ने की ठान ली थी। इसी के तहत उन्होंने हमारी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता को मंत्री पद का सब्जबाग दिखाकर पार्टी को तोड़ने की कोशिश की है। पर उनकी यह साजिश सफल नहीं हुई। लोजपा संघर्ष से कभी नहीं घबड़ाई है। ना ही संघर्ष के डर से हमने कभी समझौता किया है। यदि समझौता ही करना होता तो हम लोग विधान सभा चुनाव में 15 सीटों के नीतीश कुमार के प्रस्ताव को मान लिए होते और बिहार में हमारा मंत्री भी होता।
श्री चिराग पासवान ने ऐलान किया कि 5 जुलाई को हर वर्ष की तरह इस साल भी लोजपा के संस्थापक स्वर्गीय श्री रामविलास पासवान का जन्म दिन पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 5 जुलाई को इस अवसर पर वे हाजीपुर से पूरे बिहार में ‘आशीर्वाद यात्रा’ के लिए निकलेंगे। यह यात्रा करीब दो महीने तक राज्य के हर एक जिले में पहुंचेगी। यात्रा का समापन पटना में होगा। उस दिन पटना में पार्टी के राष्ट्रीय परिषद की बैठक बुलाई जाएगी और वहां विशाल रैली का आयोजन किया जाएगा।
बैठक के अंत में सर्वसम्मति से निम्नलिखित प्रस्ताव पारित किए गए-
1. राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति 2019 में संवैधानिक रूप से चुने हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री चिराग पासवान जी के नेतृत्व में अपना पूरा विश्वास व्यक्त करती है और उनके द्वारा लिये गये सभी फैसलों का पूर्णतः समर्थन करती है।
2. लोक जनशक्ति पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से निष्कासित श्री पशुपति कुमार पारस के द्वारा लोक जनशक्ति पार्टी के नाम पर की गई घोषणा और बयानों की कड़ी निन्दा करती है व उनके कृत्यों को असंवैधानिक मानते हुए जनता को गुमराह करने का कदम मानती है।
3. राष्ट्रीय कार्यकारिणी माननीय प्रधानमंत्री से अपील करती है कि आदरणीय
श्री रामविलास पासवान जी के 50 वर्ष के सक्रिय राजनीति के बेदाग कार्यकाल व राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें राष्ट्र के सर्वोच्च सम्मान ‘‘भारत रत्न’’ से सम्मानित किया जाए एवं बिहार में उनकी प्रतिमा स्थापित की जाए।
4. कोविड-19 महामारी के कारण देश को जन-धन का जबरदस्त नुकसान हुआ है। करोड़ों लोग इस महामारी से प्रभावित हुए हैं व लाखों लोगों की जान इस महामारी की वजह से गई है। लोजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति कोरोना की वजह से हुई इन असामयिक मौतों पर भारी मन से गहरा शोक व्यक्त करती है व मृतक लोगों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना जाहिर करती है। विशेषज्ञों ने आने वाले हफ्तों में कोरोना की तीसरी लहर की भी चेतावनी दी है इसलिए समिति पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील करती है कि वह महामारी से पीड़ित लोगों के घर-घर जाकर उनकी मदद करने की कोशिश करें व कोरोना की रोकथाम के लिए लोगों को सावधानी बरतने एवं वैक्सिन लगवाने के लिए प्रेरित करें। समिति केन्द्र सरकार से भी वैक्सिनेशन के काम को युद्ध स्तर पर करने की अपील करती है।


5. समिति अपने कार्यकर्ताओं को बिहार एवं अन्य राज्यों में बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए अभी से सतर्क रहने की वह जिला से लेकर गांव-गांव तक आम जनता कि हर संभव मदद के लिए तैयार रहने का आग्रह करती है।

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