बिहार की राजनीति में खेल या खेला राकेश रौशन

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बिहार की राजनीति में खेल या खेला

समझदार के लिए इशारा ही काफी है।आप अरुणाचल में मेरे विधायक को तोड़ कर ठीक नही किये है।
श्री ललन सिंह राष्ट्रीय अध्यक्ष जदयू

अब Bharatiya Janata Party (BJP) को उत्तरप्रदेश के विधानसभा चुनाव में कैसे दवाब बनाकर ज्यादा से ज्यादा सीट लेने का प्रयाश किया जा रहा हूं।
इसी रणनीति पर जदयू के नेतागण राजद के नेताओ से मिलकर बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व को चेतावनी दे रहे है कि अगर आप यूपी समझौता नही किये तो बिहार में हम आपके साथ सरकार नही चलाएंगे।

बीजेपी के नाक में नकेल कसने के लिए आदरणीय श्री Nitish Kumar जी ने पहले ही BJP Bihar को 20 विधानसभा सीट पर भारी नुकसान पहुंचाने वाले श्री उपेंद्र कुशवाहा जी को जदयू संसदीय दल का अध्यक्ष के साथ साथ विधान परिषद में भेजकर इसका इनाम दिया था।

आज विधायक का इस्तीफा दिलवाकर नीतीश कुमार जी ने फिर से 2013 वाला खेल शुरू कर दिया है।

उदाहरण-आदरणीय अभिभावक श्री राणा गंगेश्वर सिंह जी को बीजेपी से इस्तीफा दिलवाकर विधान परिषद में अपने कोटे भेजकर राजद के साथ सरकार बनाया था ।

अब इस खेल में बिहार के मुखिया का कुछ न कुछ चाल जरूर होगा,पर विधानसभा अध्यक्ष बिहार बीजेपी के पास है इसलिये नीतीश कुमार जी को दिक्कत हो रही है।

ये लोग राजद प्लस जदयू की सरकार बनाना चाहते है ,कांग्रेस को छोड़कर सरकार बनवाने में कुछ विधायक कम रहा है इसलिए ये सब खेला किया जा रहा है।

राकेश रौशन
प्रदेश उपाध्यक्ष लोजपा (रामविलास)

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