कोरबा, एसईसीएल की करतली ईस्ट परियोजना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। बुधवार को 5 गांवों के ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से मोर्चा खोलते हुए ड्रोन सर्वे का विरोध जताया और कंपनी प्रबंधन पर उचित मुआवजा व विस्थापन नीति को दरकिनार करने का आरोप लगाया।
बताया जा रहा है कि हाल ही में एसईसीएल की ओर से प्रभावित क्षेत्र में ड्रोन सर्वे की कार्रवाई शुरू की गई थी, जिसके बाद ग्रामीणों ने आपत्ति दर्ज कराई। उनका कहना है कि बिना लिखित अनुमति और बातचीत के अचानक सर्वे किया जा रहा है, जो सीधा-सीधा ग्रामीण अधिकारों का उल्लंघन है।
ग्रामीणों के प्रमुख आरोप,कंपनी प्रबंधन केवल बस्ती क्षेत्र को छोड़कर शेष भूमि का अधिग्रहण कर रही है,प्रभावित परिवारों को अभी तक स्पष्ट विस्थापन नीति नहीं दी गई,आजीविका, भूमि, जलस्रोत और आवागमन पर पड़ने वाले असर पर भी चुप्पी
ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उचित बातचीत, मुआवजा, पुनर्वास की व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की गारंटी नहीं मिलेगी, तब तक विरोध जारी रहेगा।
मामले में करतली, फुलकारी, मंगला सहित आसपास के गांवों के लोग लामबंद हो गए हैं और आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन खड़ा करने की चेतावनी दी है।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। वहीं एसईसीएल की ओर से अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।






