छत्तीसगढ़ न्यायिक कर्मचारी संघ के तत्वाधान में आज जगदलपुर में प्रांतीय अधिवेशन का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। इस सम्मेलन में प्रदेश भर के न्यायिक कर्मचारियों ने अपनी एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए अपनी लंबित मांगों को लेकर हुंकार भरी।
वेतन विसंगति और पदोन्नति प्रमुख मुद्दा
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं प्रांतीय अध्यक्ष नागेश्वर मौर्य ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उनमें नया जोश भरा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ए.जी. 3 (AG-3) से लेकर क्लास-1 तक के पदों पर समयबद्ध पदोन्नति और लंबे समय से लंबित वेतन विसंगति को दूर करना कर्मचारियों का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शासन को कर्मचारियों की इन जायज मांगों को अविलंब पूरा करना चाहिए।
रणनीति: निवेदन, आवेदन और फिर आंदोलन
शासन के प्रति अपना रुख स्पष्ट करते हुए संघ ने कड़ा संदेश दिया है। अधिवेशन में यह निर्णय लिया गया कि:
प्रथम चरण में शासन के समक्ष निवेदन किया जाएगा।
मांगें पूरी न होने पर औपचारिक आवेदन दिया जाएगा।
यदि फिर भी सकारात्मक परिणाम नहीं मिले, तो न्यायिक कर्मचारी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
गरिमामय उपस्थिति
सम्मेलन की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष राकेश तिवारी द्वारा की गई, राकेश सोनी द्वारा कार्यक्रम का कुशल संचालन भी किया। इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित अतिथियों ने भी अपने विचार साझा किए:
अति विशिष्ट अतिथि: धीरज पलेरिया (महासचिव)
विशिष्ट अतिथि: पी. के. देवांगन (प्रांतीय संरक्षक), युधेश्वर ठाकुर, रितेश सोनी
अधिवेशन के अंत में जिला अध्यक्ष राकेश तिवारी ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया और कर्मचारियों को अपने हक की लड़ाई के लिए सदैव तैयार रहने का आह्वान किया।







