
कोरबा (छत्तीसगढ़), 09 अक्टूबर 2026:
नगर पालिक निगम कोरबा में अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच का विवाद अब बेहद गहरा गया है। कोरबा जोन-1 की कार्यपालन अभियंता (EE) सुश्री रुचि साहू पर ठेकेदारों के साथ लगातार दुर्व्यवहार, बदतमीजी करने, भुगतान से जुड़ी फाइलें बेवजह रोकने और फाइलों को आगे बढ़ाने के एवज में 2 प्रतिशत कमीशन मांगने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले में पीड़ित ठेकेदारों और नगर निगम कांट्रैक्टर एसोसिएशन ने मोर्चा खोलते हुए जिला स्तर से लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों तक लिखित शिकायत भेजकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फाइलें रोकने और 2% कमीशन मांगने का आरोप:
प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, ठेकेदार अंकुश मिश्रा (पिता स्व. भुनेश्वर प्रसाद, निवासी कोरबा) ने नगर निगम आयुक्त और जिला कलेक्टर को एक लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत के मुताबिक, उन्होंने कोरबा जोन में निर्माण कार्य कराया था, जिसकी परफॉर्मेंस गारंटी की फाइल कार्यपालन अभियंता रुचि साहू के टेबल पर लंबित थी। जब वे इस संबंध में बात करने अधिकारी के कक्ष में गए, तो सुश्री रुचि साहू ने उनके साथ कथित रूप से बेहद अभद्र व्यवहार किया, उन्हें खरी-खोटी सुनाई और कमरे से बाहर निकाल दिया। शिकायत में ठेकेदार ने यह गंभीर आरोप भी लगाया है कि उक्त फाइल को क्लियर करने के एवज में 2 प्रतिशत राशि (कमीशन) की मांग की गई, और बात न मानने पर भुगतान की फाइल को छुपा दिया गया। इस संबंध में जन शिकायत पोर्टल पर भी ऑनलाइन मामला दर्ज कराया गया है।
कांट्रैक्टर एसोसिएशन ने दी आंदोलन की चेतावनी:
इस घटनाक्रम के विरोध में ‘नगर निगम कांट्रैक्टर एसोसिएशन’ के अध्यक्ष असलम खान ने संगठन की ओर से एक तीखा विरोध पत्र जारी किया है। एसोसिएशन का आरोप है कि कार्यपालन अभियंता द्वारा लगातार कई ठेकेदारों के साथ अमर्यादित शैली में बात की जाती है और उनके द्वारा पूर्ण किए जा चुके या चलित (Running) भुगतानों की फाइलों को बेवजह कई-कई दिनों तक रोककर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री से लेकर मुख्य सचिव तक पहुंची बात:
दस्तावेजों से यह भी पुख्ता हुआ है कि कांट्रैक्टर एसोसिएशन ने दिनांक 09 अक्टूबर 2026 को एक आधिकारिक पत्र (क्र. 041) छत्तीसगढ़ शासन के सर्वोच्च पदों पर बैठे पदाधिकारियों को प्रेषित किया है। इस शिकायत की प्रतिलिपियां निम्नलिखित को भेजी गई हैं:
- श्री विष्णु देव साय जी, माननीय मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन
- श्री अरुण साव जी, माननीय उपमुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन
- श्री लखनलाल देवांगन जी, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन
- श्री सोनमणी बोरा जी, माननीय मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन
- इसके अलावा स्थानीय कलेक्टर, निगम आयुक्त और महापौर को भी इस शिकायत से अवगत कराया गया है।
ठप हो सकते हैं नगर निगम के विकास कार्य:
एसोसिएशन के अध्यक्ष असलम खान ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि कार्यपालन अभियंता रुचि साहू की इस तानाशाही और अमर्यादित कार्यप्रणाली पर शासन-प्रशासन द्वारा तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो ‘छत्तीसगढ़ कांट्रैक्टर एसोसिएशन’ एवं ‘नगर पालिक निगम कोरबा कांट्रैक्टर एसोसिएशन’ उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। इसके तहत नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत चल रहे सभी विकास व निर्माण कार्यों को पूरी तरह से बंद (स्ट्राइक) कर दिया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जवाबदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।
इस हाई-प्रोफाइल शिकायत के बाद निगम गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है और अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि शासन इस पर क्या प्रशासनिक कदम उठाता है।






