कोरबा, जिले में धान खरीदी के लिए प्रशासन की योजना धरातल पर शून्य नजर आ रही है, किसान धान खरीदी केंद्रों में स्वयं के हमाल 250 रुपए की दर पर लेकर आते है और धान पलटी, वजन, बोरा सिलाई और स्टेकिंग का कार्य स्वयं कर रहे है, प्रबंधक के द्वारा किसानों के बैठने की व्यवस्था नहीं की गई है साथ हो साथ हमाल की व्यवस्था नहीं की गई है जिससे किसान हमाल लेकर आने मजबूर है पूरे मामले को लेकर सोनपुरी धान खरीदी केंद्र प्रबंधक भरत लाल साहू जवाब देने से बचते नजर आये, वही फड़ प्रभारी सारी व्यवस्था होने की जानकारी देकर बचते नजर आये लेकिन धरातल पर किसानों ने फड़ प्रभारी और प्रबंधक की पूरी पोल खोल दी है,
हमाल का पैसा किसान अपनी जेब से दे रहा है, कुछ किसान को सोनपुर प्रबंधक के द्वारा बोरा मुहैया कराया गया है और वो किसान घर से वजन कर बोरा में धान पलटी कर सिलाई कर ला रहे है और ऐसे बोरे भरे धान को स्टेकिंग में रखा जा रहा है, किसानों के साथ ऐसा भेदभाव क्यों किया जा रहा है समझ से परे है, ऐसे में भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार के विकास की गाथा को चंद धान खरीदी केंद्र फड़ प्रभारी चुना लगाते नजर आ रहे है,
क्या अधिकारी कर्मचारी इन बातों को लेकर अनभिज्ञ है या खाना पूर्ति के नाम पर अपनी जेब गर्म कर रहे है, पूर्व में भी कोरकोमा धान खरीदी केंद्र प्रबंधक प्यारे लाल साहू द्वारा भी धान खरीदी में अनियमितता उजागर हुई थी जिसकी जांच में 8 हमाल रख कार्य कराने और शासन द्वारा रख रखाव व्यवस्था हेतु प्रदान किए जा रहे 2 रुपए 33 पैसे का भी दुरुपयोग सामने आया था, चचिया और कुदमुरा धान खरीदी केंद्र में इसका नजारा देखने को मिला जहां स्टेकिंग के लिए पर्याप्त मात्रा में भूंसा नहीं है तिरपाल के ऊपर धान के बोरे रखे जा रहे है,
किसानों के साथ भेदभाव और उनसे लूट कब बंद होगी देखने की बात है






