
कोरबा (छत्तीसगढ़), 09 अक्टूबर 2026:
कोरबा जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत कनकी में कथित घोटालों और भ्रष्टाचार की जांच करने पहुंचे प्रशासनिक दल को ग्रामीणों के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा। घोटालों के निष्कर्ष और तत्काल जांच प्रतिवेदन सौंपने की मांग को लेकर उग्र ग्रामीणों ने जांच समिति का घेराव कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख जिला प्रशासन की सूचना पर उरगा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और जांच दल को सकुशल गांव से बाहर निकाला।
भ्रष्टाचार की जांच के दौरान फूटा गुस्सा :
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कनकी ग्राम पंचायत में पिछले कुछ समय से विकास कार्यों में भारी वित्तीय अनियमितता और घोटालों की शिकायतें जिला प्रशासन को मिल रही थीं। इन शिकायतों की सत्यता परखने के लिए एक विशेष जांच समिति कनकी गांव पहुंची थी। जांच दल के सामने ग्रामीणों ने खुलकर अपने बयान दर्ज कराए और भ्रष्टाचार से जुड़े कई सबूत व शिकायतें पेश कीं। बयान दर्ज होने के बाद ग्रामीणों में इस बात को लेकर आक्रोश बढ़ गया कि जांच में लीपापोती न हो।
जांच प्रतिवेदन की मांग को लेकर घेराव और नारेबाजी :
भ्रष्टाचार की वजह से आक्रोशित ग्रामीणों ने पारदर्शिता की मांग करते हुए जांच समिति को मौके पर ही घेर लिया। ग्रामीणों की मांग थी कि समिति तुरंत अपने निष्कर्ष बताए और जांच प्रतिवेदन (Report) तत्काल प्रस्तुत करे। देखते ही देखते मौके पर तनाव बढ़ गया और ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
उरगा थाना प्रभारी ने संभाला मोर्चा:
जांच समिति के घिरने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन तत्काल हरकत में आया और मामले की गंभीरता को देखते हुए उरगा थाना प्रभारी को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उरगा थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ दलबल सहित कनकी गांव पहुंचे। पुलिस ने सूझबूझ से काम लेते हुए उग्र भीड़ को शांत कराया, मोर्चा संभाला और घेराव में फंसी जांच समिति को सुरक्षित गांव से बाहर निकाला।
हंगामा करने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई :
भले ही ग्रामीण भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे थे, लेकिन शासकीय कार्य में बाधा डालने और जांच दल का घेराव करने के मामले को प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। सूत्रों से मिली पक्की जानकारी के अनुसार, जांच समिति के साथ बदसलूकी और हंगामा करने वाले मुख्य तत्वों की पहचान की जा रही है। शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने वाले दोषियों के खिलाफ जल्द ही उरगा थाने में सख्त कानूनी कार्रवाई (FIR) दर्ज की जा सकती है।






