
कोरबा (छत्तीसगढ़), 09 अक्टूबर 2026:
आगामी नवरात्रि पर्व के दौरान जिले में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला एवं पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है। गरबा, डांडिया कार्यक्रमों और दुर्गा पूजा पंडालों के सुव्यवस्थित संचालन के लिए प्रशासन ने सभी आयोजन समितियों की एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक ली। बैठक में साफ किया गया कि उत्सव के दौरान सुरक्षा और नियमों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले हुड़दंगियों और समितियों पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में बनी रणनीति:
इस उच्च स्तरीय बैठक में जिला प्रशासन की ओर से अपर कलेक्टर एवं एडीएम श्री देवेंद्र पटेल और एसडीएम श्री सरोज महिलांगे उपस्थित रहे, वहीं पुलिस प्रशासन का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) श्री लखन पटले और नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) श्री प्रतीक चतुर्वेदी ने किया। अधिकारियों ने समितियों को सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण और विशेष रूप से दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के संबंध में कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
महिला सुरक्षा पहली प्राथमिकता, पंडालों में अनिवार्य होंगे सीसीटीवी:
बैठक में कानून व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर निम्नलिखित कड़े निर्देश दिए गए हैं:
- सीसीटीवी निगरानी: सभी आयोजन स्थलों और दुर्गा पूजा पंडालों के प्रवेश, निकास द्वारों सहित प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा।
- महिला सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण: महिला सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, वॉलेंटियर्स की तैनाती, अग्नि सुरक्षा, प्राथमिक उपचार और आपातकालीन निकास की पुख्ता व्यवस्था करनी होगी।
- पार्किंग प्रबंधन: वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग की व्यवस्था समितियां स्वयं करेंगी, ताकि मुख्य मार्गों पर यातायात किसी भी स्थिति में बाधित न हो।
- आधिकारिक अनुमति: सभी गरबा और डांडिया आयोजकों को कार्यक्रम के लिए प्रशासन से अग्रिम अनुमति प्राप्त कर निर्धारित शर्तों का अक्षरशः पालन करना होगा।
विसर्जन में डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध, कोलाहल अधिनियम का पालन जरूरी:
प्रशासन ने ध्वनि प्रदूषण को लेकर सख्त रुख अख्तियार किया है। आयोजन समितियों को साउंड सिस्टम का उपयोग निर्धारित ध्वनि सीमा और समय-सीमा के भीतर ही करने को कहा गया है। इसके लिए छत्तीसगढ़ में लागू कोलाहल नियंत्रण कानून, ध्वनि प्रदूषण नियम 2000 और माननीय उच्चतम न्यायालय व राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा।
सबसे बड़ा निर्देश दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर आया है, जिसके तहत विसर्जन के दौरान डीजे (DJ) बजाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। विसर्जन केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्ग और समय-सीमा के भीतर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना होगा। विसर्जन के दौरान किसी भी प्रकार का हुड़दंग, विवाद, अभद्र व्यवहार या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधि पाए जाने पर पुलिस सख्त कानूनी कदम उठाएगी।
🚔 शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील:
जिला एवं पुलिस प्रशासन ने सभी समितियों से नवरात्रि पर्व की पवित्रता और गरिमा बनाए रखते हुए आपसी सौहार्द व अनुशासन के साथ कार्यक्रम आयोजित करने की अपील की है। प्रशासन ने नारा दिया है— “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा”। आम नागरिकों से भी आग्रह किया गया है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या अप्रिय घटना की सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस या डायल-112 को देकर व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।






