कोरबा, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड की कुसमुंडा परियोजना में कर्मचारियों की सुविधाओं को अनदेखी कर तथाकथित ठेकेदार को फायदा पहुंचाने का गंभीर आरोप बीते कुछ महीनो से लग रहा है बावजूद इसके इस पर कार्यवाही करने के ठेकेदार को खुलेआम संरक्षण ही दिया जा रहा है। एक ओर जहां खदान विस्तार के लिए एक एक इंच जमीन के लिए जद्दोजहद किया जा रहा है, वहीं कुसमुंडा के ह्रदयस्थल नेहरू नगर स्थित पानी टंकी मैदान की कई एकड़ भूमि एक तथाकथित ठेकदार के हवाले कर दी गई है, जिसमें ठेकदार द्वारा अपने दर्जनों नए और कबाड़ हो चुके वाहनों को खड़ा किया जाता है। मैदान में एक बड़ा भूभाग रिक्त है,जिसमें श्रमिक संगठन चौपाटी बनाने की लगातार मांग कर रहा है,परंतु कुसमुंडा प्रबंधन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। श्रमिक संगठन बीएमएस द्वारा गायत्री मंदिर चौक ये सड़क पर लगने वाले सभी सब्जी,फल, जूस और खाने पीने के ठेले दुकान को इसी मैदान में शिफ्ट करने की मांग की जा रही है। आपको बता दें गायत्री मंदिर चौक में सड़क किनारे लगाए जाने वाले दुकानों से लगातार जाम लगता है,जिससे कर्मचारियों को खदान अथवा ऑफिस जाने में असुविधा होती है। नेहरू नगर पानी टंकी के इस मैदान में दुकानें लगने से आसपास के सभी कॉलोनीवासी यहां आ सकते है और यहां पार्किंग भी की जा सकती है। चौपाटी की तरह इस मैदान का उपयोग किया जा सकता है। परंतु कुसमुंडा प्रबंधन अपने कर्मचारियों के हित को ध्यान में रखने के बजाय एक करोड़पति ठेकदार को फायदा पहुंचाने का काम कर रही है,इस ठेकदार के पास यहां कई एकड़ का मैदान पर कब्जा है, मैदान अंदर 10 – 10 लाख की लागत से बने कई वातानुकूलित भवन भी कब्जा में लिए गए है,जो कि SECL के पैसे से बनाए गए है। इसी ठेकदार के द्वारा कई अधिकारी स्तर के क्वार्टर भी कब्जा किए गए है। इन सभी चीजों की लिखित शिकायत प्रबंधन से की गई है बावजूद इसके प्रबंधन द्वारा अपने कर्मचारियों के हितों को ताक में रखकर यहां सीधे ठेकदार को संरक्षण देते हुए फायदा पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।







