भक्ति रस में सराबोर हुआ मंदिर परिसर, 4 सितम्बर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी एवं 11 सितम्बर को भादी अमावस्या महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा

श्री सप्तदेव मंदिर में माँ श्री राणीसती दादी का भव्य संगीतमय मंगलपाठ सम्पन्न

कोरबा। श्री सप्तदेव मंदिर में प्रत्येक माह अमावस्या के पावन अवसर पर आयोजित होने वाला माँ श्री राणीसती दादी का भव्य संगीतमय मंगलपाठ मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। सायं 4 बजे से 7 बजे तक आयोजित इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, मातृशक्ति एवं मंगलपाठी बहनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर माँ श्री राणीसती दादी की आराधना की।

कार्यक्रम में लीना अग्रवाल एवं उनकी मंडली द्वारा मधुर एवं संगीतमय शैली में मंगलपाठ प्रस्तुत किया गया। सभी मंगलपाठी बहनों ने पारंपरिक राजस्थानी परिधान—नथ, चूड़ा एवं चुनड़ी धारण कर एक स्वर, एक लय और एक भाव से मंगलपाठ किया। भक्ति गीतों, मंगलगान एवं जयकारों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब गया। उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर होकर माँ श्री राणीसती दादी के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करते रहे।

मंगलपाठ के उपरांत भगवान की भव्य आरती सम्पन्न हुई तथा सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर मंदिर की प्रमुख ट्रस्टी प्रेमा अग्रवाल ने मंदिर में आयोजित होने वाले आगामी धार्मिक आयोजनों की जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष भी 4 सितम्बर 2026 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव अत्यंत भव्य एवं आकर्षक रूप में मनाया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित मनोहारी झांकियाँ सजाई जाएँगी तथा बच्चों एवं महिलाओं के लिए “लड्डू गोपाल सजाओ प्रतियोगिता” एवं “श्रीकृष्ण बनो प्रतियोगिता” का आयोजन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इसके पश्चात 11 सितम्बर 2026 को भादी अमावस्या के पावन अवसर पर माँ श्री राणीसती दादी का भव्य संगीतमय मंगलपाठ एवं विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन दोनों आयोजनों की तैयारियाँ मंदिर परिवार द्वारा पूरे उत्साह के साथ प्रारंभ कर दी गई हैं। उन्होंने समस्त श्रद्धालुओं से परिवार सहित इन आयोजनों में सहभागी बनकर धर्मलाभ प्राप्त करने का आग्रह किया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर श्री सप्तदेव मंदिर परिवार की ओर से श्रीमती लीना अग्रवाल एवं उनकी मंडली, सभी मंगलपाठी बहनों तथा उपस्थित श्रद्धालुओं के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया गया। मंदिर परिवार ने विश्वास व्यक्त किया कि समाज का यही सहयोग एवं धार्मिक आस्था भविष्य में भी मंदिर के सभी धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को और अधिक भव्य एवं सफल बनाएगी।

श्री सप्तदेव मंदिर वर्षों से धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक चेतना का प्रमुख केंद्र रहा है। यहाँ नियमित रूप से आयोजित होने वाले धार्मिक अनुष्ठान समाज में आध्यात्मिक जागरण, पारिवारिक संस्कार एवं सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।

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