
कोरबा। अपनी अनूठी सोच, भव्यता और रचनात्मक थीम के लिए पूरे क्षेत्र में प्रसिद्ध शिवाजी नगर गरबा डांडिया एवं दशहरा उत्सव समिति इस वर्ष फिर एक अलौकिक और आकर्षक प्रयोग के साथ तैयार है। हर साल की तरह इस बार भी पंडाल के निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है।
इस वर्ष गरबा उत्सव का मुख्य आकर्षण ‘अमृत कलश’ और उसके भीतर सजने वाली ‘स्वप्न नगरी’ होगी।
अमृत कलश के प्रवेश द्वार से स्वप्न नगरी तक का सफर
समिति द्वारा बनाए जा रहे इस भव्य पंडाल को एक विशालकाय अमृत कलश का रूप दिया जा रहा है।
अनोखा प्रवेश द्वार, 50 फीट लंबी अलौकिक और जादुई गली
श्रद्धालु और दर्शक जैसे ही इस विशाल अमृत कलश के आकर्षक मुख से प्रवेश करेंगे, उन्हें 50 फीट लंबी अलौकिक और जादुई गली (कॉरिडोर) से होकर गुजरना होगा।
स्वप्न नगरी का अनुभव, 9 दिनों तक गरबा रास
आयोजन स्थल में प्रवेश करते ही लोग नीली रोशनी, छतरियों की सुंदर सजावट और अद्भुत कलाकृतियों से सजी एक अद्वैत ‘स्वप्न नगरी’ में पहुंच जाएंगे।
इसी स्वप्न नगरी के दिव्य वातावरण में अगले 9 दिनों तक भक्तिभाव और उमंग के साथ माता रानी की आराधना व गरबा रास का भव्य आयोजन चलेगा।
बीते वर्ष भी बांस की टोकनियों से रचा था इतिहास
पिछले वर्ष 2025 में भी समिति ने बांस की पारंपरिक टोकनियों का रचनात्मक उपयोग कर एक बेहद अनोखा पंडाल तैयार किया था। उस नवोन्मेषी पहल को न केवल स्थानीय नागरिकों, बल्कि दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं और पर्यटकों का भी अपार प्यार मिला था। उस सफलता को देखते हुए इस वर्ष की ‘अमृत कलश और स्वप्न नगरी’ थीम को लेकर लोगों में भारी उत्साह और उत्सुकता देखी जा रही है।
तैयारियों में जुटी पूरी समिति, दिन-रात मेहनत
कार्यक्रम को भव्य एवं सफल बनाने के लिए समिति के सभी पदाधिकारी एवं सदस्य पूरी मेहनत से दिनरात तैयारी में जुटे हैं जिसमें संयोजक द्वय सुधाकर वानखेडे, विनोद नायर, अध्यक्ष वैभव शर्मा, उपाध्यक्ष अनुज जायसवाल, सचिव नागेंद्र श्रीवास, कोषाध्यक्ष रामकुमार राठौर एवं राजेश देवड़ा, इरफान खान, आयुष अग्रवाल, विजय वानखेडे, नरेश श्रीवास, गणपति झरबड़े, पुष्पेंद्र जायसवाल, प्रताप सिंह, विमल साहू, प्रभात साहू, निखिल ठाकुर, विनोद राठौर, विजेंद्र यादव, नरेंद्र जयसवाल सहित समिति के सभी सदस्य तन-मन-धन से जुटे हुए हैं।
समिति को पूर्ण विश्वास है कि यह अनोखी सजावट और स्वप्न नगरी का अहसास इस बार भी जिलेवासियों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बनेगा।






