
कोरबा/कटघोरा,त्रिलोकी पब्लिक स्कूल कटघोरा से संबंधित कुछ व्यवस्थाओं को लेकर पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कटघोरा निवासी प्रवीण अग्रवाल ने त्रिलोकी पब्लिक स्कूल प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रवीण अग्रवाल का कहना है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है स्कूल में पढ़ाई के लिए उपयोग होने वाली किताबें कथित तौर पर ऊंची कीमतों पर उपलब्ध कराई जाती हैं। अभिभावकों को किताबों की खरीदारी के लिए ऐसी व्यवस्था का सामना करना पड़ता है, जिससे उन्हें बाजार में उपलब्ध अन्य विकल्पों की तुलना करने का पर्याप्त अवसर नहीं मिलता।
स्कूल की यूनिफॉर्म को लेकर भी उठे सवाल
आरोप है कि स्कूल की यूनिफॉर्म केवल एक चुनिंदा स्थान पर उपलब्ध कराई जाती है। ऐसे में अभिभावकों के पास यूनिफॉर्म खरीदने के लिए सीमित विकल्प रह जाते हैं।
फीस वापसी को लेकर भी विवाद
प्रवीण अग्रवाल ने अपने बच्चे की फीस वापसी को लेकर भी स्कूल प्रबंधन पर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि स्कूल से संबंधित परिस्थितियों के चलते फीस वापस के लिए प्रबंधन से बात हुई लेकिन स्कूल प्रबंधन द्वारा तत्काल फीस वापस नहीं की गई।
प्रवीण अग्रवाल ने इस मामले की शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) से की जिसके बाद फीस वापस किए जाने की बात कही गई है।
प्रवीण अग्रवाल ने फीस वापसी पर कहां की यदि शिकायत के बाद ही फीस वापस की गई, तो इससे स्कूल की फीस वापसी व्यवस्था और अभिभावकों के अधिकारों को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
स्कूल प्रबंधन का क्या कहना है
स्कूल प्रबंधन ने लगाए जा रहे विभिन्न आरोपों पर अपना पक्ष सामने रखा है।
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि त्रिलोकी पब्लिक स्कूल में समाज के हर वर्ग के बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। यहां अच्छे परिवारों के बच्चों के साथ-साथ गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चे भी पढ़ाई कर रहे हैं। इतना ही नहीं, स्कूल में सरकारी अधिकारियों के बच्चे भी अध्ययनरत हैं।
प्रबंधन का कहना है कि स्कूल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को बेहतर शिक्षा और संस्कार देकर उनके भविष्य को निखारना है। स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाता और सभी बच्चों को समान अवसर देने का प्रयास किया जाता है।
स्कूल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि त्रिलोकी पब्लिक स्कूल किसी भी बच्चे या अभिभावक का शोषण नहीं करता। स्कूल को लेकर हाल के दिनों में जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, प्रबंधन ने उन्हें बेबुनियाद बताया है।
प्रबंधन का कहना है कि यदि किसी अभिभावक या विद्यार्थी को किसी प्रकार की समस्या है, तो वह सीधे स्कूल प्रबंधन के सामने अपनी बात रख सकता है। स्कूल प्रबंधन का दावा है कि बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य को हमेशा प्राथमिकता दी जाती है।
जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई
किताबों की कीमत, यूनिफॉर्म की उपलब्धता और फीस वापसी से जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति संबंधित दस्तावेजों और शिक्षा विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल नवीन अग्रवाल के आरोपों ने निजी स्कूलों की फीस, किताबों और यूनिफॉर्म की व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब देखने वाली बात होगी कि शिक्षा विभाग इस पूरे मामले में क्या रुख अपनाता है और शिकायत की जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं।






