चचिया, कोरकोमा, कुदमुरा धान खरीदी केंद्र में अनियमितता, किसानों से अतिरिक्त धान की लूट, किसानों के हमाल के भरोसे खरीदी, किसानों के बैठने नहीं की व्यवस्था, जांच में अनियमितता उजागर, देखे वीडियो

कोरबा, जिले में धान खरीदी को लेकर प्रशासन लागतार कार्यवाही कर रहे है उसके बाद भी धान खरीदी से जुड़े धान खरीदी केंद्र के अधिकारी और कर्मचारी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे है, ताजा मामला कोरबा जिले के कोरबा ग्रामीण के कोरकोमा धान खरीदी केंद्र में किसानों से सूखती के नाम पर अवैध रूप से अतिरिक्त धान लिया जा रहा है, किसानों से हमाली का कार्य लेने के साथ ही 40.900 किलो धान लिया जा रहा है, बोर में धान 40 किलो और बोर के वजन का 700 ग्राम लेना है जिससे कुल बोरे के साथ 40.700 लिया जाना है प्रति बोरा 200 ग्राम से 300 ग्राम अतिरिक्त धान किसानों से सूखती के नाम पर लिया जा रहा है, बिना पलटी बिना नमी देखे धान खरीदी की जा रही है,

भारी मात्रा में बदरा धान और पुराने धान की खरीदी भी प्रबंधक और फड़ प्रभारी द्वारा की जा रही है ऐसा लगता है जैसे प्रबंधक और फड़ प्रभारी दोनों मिलकर शासन के नाम पर भोले भाले किसानों को चुना लगाने का कार्य कर रहे है।

कोरकोमा, चचियाऔर कुदमुरा धान खरीदी केंद्र में अनियमितता की शिकायत मिलने के बाद तत्काल भैंसमा तहसीलदार ने कार्यवाही की बात कही और धान खरीदी में अनियमितता की त्वरित जांच हेतु खाद्य निरीक्षक को मौके पर भेज कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया, खाद्य निरीक्षक ने कोरकोमा धान खरीदी केंद्र में जांच कार्यवाही की जिसमें धान खरीदी केंद्र में अतिरिक्त धान लेने की शिकायत सही मिली मौके पर किसानों ने भी बताया साथ की तौल के साथ किसानों से हमाली कार्य की भी जांच की गई, जांच में किसानों से 40.800 किलो धान लेने की बात सामने आईं साथ ही किसानों के द्वारा हमाली करने, धान पलटी नहीं करने, बोर से बोरे में पलटी करने की बात सामने आई, 8 हमाली के भरोसे कोरकोमा धान खरीदी केंद्र में धान खरीदी की जा रही जबकि 600 क्विंटल प्रतिदिन धान खरीदी की लिमिट शासन ने की है, किसानों के लाए बोर से समिति के बरदाने में धान की पलटी की जा रही है, किसान स्वयं धान पलटी कर वजन कर रहे है, खाद्य निरीक्षक ने बताया कि शिकायत के आधार पर जल्द ही कुदमुरा और चचिया धान खरीदी केंद्र की जांच करने की बात कही है।

प्रबंधक के द्वारा 1 माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी धान खरीदी केंद्रों में किसानों के बैठने और प्रसाधन हेतु किसी प्रकार की व्यवस्था चचिया, कुदमुरा धान खरीदी केंद्र में नहीं की गई, किसान के हमालों के भरोसे कोरकोमा,चचिया और कुदमुरा धान खरीदी केंद्र संचालित हो रहे है।

सोचने की बात है कि जिले में प्रशासन के सख्ती के बाद भी आदिम जाति सहकारी समिति कोरकोमा के प्रबंधक अपने अधीन आने वाले धान खरीदी केंद्रों में अनियमितता कर रहे है, ग्रामीणों ने बताया कि प्रबंधक साहू धमकी और अपने पहुंच का धौंस दिखाता है जिससे किसान भयभीत रहते है, देखने की बात होगी कि खबर प्रकाशित होने के बाद क्या कोरकोमा प्रबंधक के ऊपर कार्यवाही होगी या चाय पानी में किसानों की मेहनत मिल जायेगी।

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